Hadith for the World
Tap the image to view it full size
फ़ज़ीलतें तथा आदाब
Available in 16 languages
«ज़ैद बिन अरक़म (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: इन शौच के स्थानों में शैतान तथा जिन्न उपस्थित रहते हैं। अतः, जब तुममें से कोई शौच के स्थान में आए, तो यह दुआ पढ़े: أعوذُ باللهِ مِنَ الخُبُثِ والخَبَائث अर्थात, मैं नापाक जिन्नों और नापाक जिन्नियों (की बुराइयों से) से अल्लाह की शरण में आता हूँ।»

Meaning translation ·

Explanation

The meaning in a few plain lines

शौच के स्थान में जिन्न एवं शैतान उपस्थि रहते हैं और इस प्रतीक्षा में बैठे रहते हैं कि इन्सान को कष्ट दे सकें और उसके अंदर बिगाड़ पैदा कर सकें। क्योंकि यह ऐसा स्थान है, जहाँ शरीर के गुप्त अंगों को खोला जाता है और उसमें अल्लाह का नाम भी नहीं लिया जाता। अतः जब कोई मुसलमान शौच के स्थान में पहुँचे, तो यह दुआ पढ़े : "أعوذُ باللهِ مِنَ الخُبُثِ والخَبَائث" यानी मैं तमाम शैतानों, चाहे वह पुरुष हों या स्त्री, की बुराई से अल्लाह की शरण एवं रक्षा में आता हूँ।

Source
इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।
Download image

Saved at original quality