फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
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«अली -रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैंः वित्र फ़र्ज़ नमाज़ों की तरह अनिवार्य नहीं है। लेकिन, यह सुन्नत है। इसे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सुन्नत क़रार दिया है।»Meaning translation ·
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