फ़ज़ीलतें तथा आदाब
Available in 19 languages
«अनस बिन मालिक- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः अल्लाह अपने बंदे की तौबा से उस व्यक्ति से कहीं अधिक प्रसन्न होता है, जिसने किसी मरुस्थल में अपना ऊँट गुम करके फिर पा लिया हो।
तथा एक रिवायत में हैः अल्लाह अपने बंदे की तौबा से, जब वह उसके आगे तौबा करता है, उस आदमी से भी अधिक प्रसन्न होता है जो किसी मरुस्थल में अपनी सवारी पर हो, उसपर उसके खाने-पीने का सामान भी हो कि वह सवारी उससे छूट जाए और वह उससे निराश होकर एक पेड़ की छाया में लेट जाए। इसी निराशा की हालत में वह सवारी अचानक उसके सामने आ खड़ी हो और वह उसकी मुहार पकड़कर खुशी की शिद्दत में कह डालेः 'ऐ अल्लाह, तू मेरा बंदा है और मैं तेरा रब!' अत्यधिक प्रसन्नता के कारण इस तरह की गलती कर बैठे।»Meaning translation ·
Saved at original quality







