अक़ीदा
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«अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हुए कहते हैंः "अल्लाह ने जब मखलूक़ की सृष्टि की, तो एक किताब में, जो उसके पास अर्श पर है, लिख दियाः मेरी रहमत मेरे क्रोध पर हावी रहेगी।"
एक रिवायत के शब्द हैंः "मेरी रहमत मेरे क्रोध पर हावी हो गई।"
जबकि एक रिवायत में हैः "मेरी रहमत मेरे क्रोध से आगे रही।"»Meaning translation ·
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