फ़ज़ीलतें तथा आदाब
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«अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से वर्णन करते हैं कि आपने फ़रमायाः अल्लाह से आज़माइश की कठिनाई, दुर्भाग्य का शिकार होने, तक़दीर के अप्रिय निर्णय और कठिनाई में देखकर शत्रुओं के खुश होने से अल्लाह की शरण माँगा करो। एक रिवायत में है कि सुफ़यान कहते हैंः मुझे इस बात में संदेह है कि मैंने इनमें से कोई एक बात अधिक बयान की है।»Meaning translation ·
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