Hadith for the World
Tap the image to view it full size
अक़ीदा

अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है, वह कहते हैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है :

Available in 55 languages
«अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है, वह कहते हैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : “अल्लाह तआला जन्नतियों से फ़रमाएगा : ऐ जन्नत वालो! वो कहेंगे : पूरे ध्यान से हाज़िर हैं ऐ हमारे रब और सदा तेरी मेहरबानी के मोहताज हैं। अल्लाह तआला फ़रमाएगा : अब तुम राज़ी हो? वो कहेंगे : क्या अब भी ख़ुश न होंगे, जबकि तूने हमें ऐसी-ऐसी नेमतें प्रदान की हैं, जो अपनी सारी मख़लूक़ में से किसी और को नहीं दीं? फिर अल्लाह तआला इरशाद फ़रमाएगा : क्या मैं तुम्हें एक ऐसी चीज़ न दूँ, जो इन सबसे भी बढ़कर है? वो कहेंगे : ऐ अल्लाह! अब इन सबसे भी बढ़कर और कौन सी चीज़ हो सकती है? तब अल्लाह तआला फ़रमाएगा : मैं अपनी प्रसन्नता तुम्हें प्रदान करता हूँ। अब कभी मैं तुमसे नाराज़ नहीं हूँगा।”»

Meaning translation ·

Explanation

The meaning in a few plain lines

अल्लाह के नबी सल्लल्लम ने बताया है कि जन्नती लोग जब जन्नत में होंगे, तो अल्लाह उनसे कहेगा : ऐ जन्नतियो! वे उत्तर देंगे : हम उपस्थित हैं ऐ हमारे पालनहार! सारी भलाइयाँ तेरे ही हाथों में हैं। अल्लाह उनसे पूछेगा : क्या अब तुम ख़ुश हो? वे जवाब देंगे : हम बिलकुल खुश हैं। भला हम ख़ुश क्यों न रहें, जबकि तूने हमें वह सब कुछ दे दिया है, जो तूने अपनी किसी भी सृष्टि को नहीं दिया है। यह जवाब सुनकर अल्लाह पूछेगा : क्या मैं तुम्हें इससे बेहतर चीज़ न दूँ? जन्नती जवाब देंगे : ऐ मेरे पालनहार! इससे बेहतर चीज़ भला और क्या हो सकती है? अल्लाह कहेगा : मैं तुम्हें अपनी शाश्वत प्रसन्नता और रज़ामंदी प्रदान करता हूँ। इसके बाद मैं तुमसे कभी नाराज़ नहीं होऊँगा।

Source
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
Download image

Saved at original quality