Hadith for the World
Tap the image to view it full size
फ़ज़ीलतें तथा आदाब

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :

Available in 48 languages
«अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : बरकत वाले एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने अपने अच्छे कर्म करने वाले बंदों के लिए वह चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने सुना है और न किसी इनसान के दिल में उनका ख़याल आया है।" अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा : यदि तुम चाहो, तो यह आयत पढ़ लो : (कोई प्राणी नहीं जानता कि हमने उनके लिए आँखें ठंडी करने वाली क्या-क्या चीज़ें छुपा रखी हैं।) [सूरा सजदा : 17]»

Meaning translation ·

Explanation

The meaning in a few plain lines

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्मल ने बताया है कि बरकत वाले तथा महान अल्लाह ने कहा है : मैंने जन्नत के अंदर अपने सदाचारी बंदों के सम्मान में ऐसी-ऐसी चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने उनकी विशेषताओं को सुना है और न उनकी वास्तविकता की कल्पना किसी दिल ने की है। इस हदीस को बयान करने के बाद अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा कि यदि तुम चाहो तो यह आयत पढ़ लो : "कोई प्राणी नहीं जानता कि उनके लिए आँखें ठंडी करने वाली क्या-क्या चीज़ें छुपाकर रखी गई हैं।" [सूरा सजदा : 17]

Source
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
Download image

Saved at original quality