Hadith for the World
Tap the image to view it full size
फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया :

Available in 62 languages
«अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "सबसे बुरा चोर वह है, जो अपनी नमाज़ में चोरी करता है।" किसी सहाबी ने पूछा कि नमाज़ में चोरी करने का क्या मतलब है? आपने उत्तर दिया : "रुकू एवं सजदा संपूर्ण रूप से न किया जाए।"»

Meaning translation ·

Explanation

The meaning in a few plain lines

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि सबसे बुरा चोर वह है, जो अपनी नमाज़ में चोरी करता हो। क्योंकि दूसरे का धन लेने से हो सकता है कि इन्सान को दुनिया को लाभ हो जाए, लेकिन नमाज़ में चोरी करने वाला खुद अपने हक़ की नेकी और सवाब चुराता है। सहाबा ने पूछा कि ऐ अल्लाह के रसूल! नमाज़ में चोरी करने का मतलब क्या है? आपने उत्तर दिया : इसका मतलब यह है कि इन्सान संपूर्ण रूप से रुकू एवं सजदा न करे। यानी जल्दी-जल्दी रुकू और सजदा कर ले और संपूर्ण रूप से उनको अदा न करे।

Source
इसे इब्ने ह़िब्बान ने रिवायत किया है
Download image

Saved at original quality