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अल-वला तथा अल-बरा (मैत्री तथा अलगाव का सिद्धांत)
अल-वला तथा अल-बरा (मैत्री तथा अलगाव) से संबंधित अहकाम
2 hadiths
अल-वला तथा अल-बरा (मैत्री तथा अलगाव) से संबंधित अहकाम
2
वर्जित समरूपता
1
संबंध विच्छेद करना और उसकी शर्तें
1
2 hadiths
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : “आदमी अपने मित्र के दीन पर चलता है। अतः, तुममें से हर व्यक्ति देख ले कि वह किसे मित्र बना रहा है।”
इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी और अह़मद ने रिवायत किया है
अबू सिर्मा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जो किसी को हानि पहुंचाएगा, अल्लाह उसको हानि पहुंचाएगा और जो किसी को कठिनाई में डालेगा, अल्लाह उसे कठिनाई में डालेगा।"
इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है