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खाने-पीने की वस्तुएँ
हलाल तथा हराम जानवर एवं पक्षी
3 hadiths
हलाल तथा हराम जानवर एवं पक्षी
3
शिकार करना
1
पीने की हराम वस्तुएँ
1
3 hadiths
अब्दुल्लाह बिन अबू औफ़ा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ सात युद्धों में शरीक हुए और उनके दौरान हम टिड्डी खाते थे।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: जिसने पहले ही वार में किसी छिपकली को मारा, उसे इतनी नेकी मिलेगी और जिसने दूसरे वार में मारा उसे इतनी नेकी मिलेगी और जिसने तीसरे वार में मारा, उसे इतनी नेकी मिलेगी। एक रिवायत में है: जिसने पहली वार में छिपकली को मार दिया, उसके लिए सौ नेकी लिख दी जाएगी और दूसरे वार में मारने पर उस से कम और तीसरे वार में मारने पर उस से भी कम।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।
आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है, वह कहती हैं कि कुछ लोगों ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! कुछ लोग हमारे पास मांस लाते हैं, लेकिन हमें मालूम नहीं होता कि उन्होंने ज़बह करते समय बिस्मिल्लाह कहा है या नहीं। यह सुन अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “तुम उसपर बिस्मिल्लाह कहो और खा लो।”
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।