HI
ज़कात
ज़कात अल-फ़ित्र
2 hadiths
ज़कात की अनिवार्यता तथा ज़कात अदा न करने वाले का हुक्म
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ज़कात अल-फ़ित्र
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नफ़ल सदक़ा
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2 hadiths
अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- से रिवायत है, वह कहते हैं : अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सदक़ा-ए-फ़ित्र मुसलमान ग़ुलाम और आज़ाद, मर्द और औरत, छोटे और बड़े (सब पर) एक साअ् खजूर या एक साअ् जौ फ़र्ज़ क़रार दिया है और आदेश दिया है कि उसे नमाज़ के लिए लोगों के निकलने से पहले-पहले अदा कर दिया जाए।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
عن ابن عباس قال: فرض رسول الله صلى الله عليه وسلم زكاة الفطر طُهرةً للصائم من اللغو والرفث، وطعمةً للمساكين، من أداها قبل الصلاة، فهي زكاة مقبولة، ومن أداها بعد الصلاة، فهي صدقة من الصدقات.
رواه أبو داود وابن ماجه