HI
जिहाद
सुलह तथा शांति संधि के अहकाम
1 hadiths
जिहाद की फ़ज़ीलत
11
जिहाद के आदाब
4
सुलह तथा शांति संधि के अहकाम
1
1 hadiths
अम्र बिन शुऐब अपने पिता से और वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "मुसलमान अन्य लोगों के मुक़ाबले में एक हाथ की तरह हैं। उनका रक्त और उनका धन बराबर है। उनके निम्नतम व्यक्ति की दी हुई सुरक्षा भी इस लायक़ होती है कि सारे मुसलमान उसका सम्मान करें और मुसलमान (ग़नीमत का धन) अपने सबसे दूर में रहने वाले व्यक्ति को भी लौटाते हैं।"
इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।