Hadith for the World
रसूलों पर ईमान

हमारे नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम

7 hadiths

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अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "क़सम है उस ज़ात की जिसके हाथ में मोहम्मद की जान है, मेरे विषय में इस उम्मत का जो व्यक्ति भी सुने, चाहे वह यहूदी हो या ईसाई, फिर वह उस चीज़ पर ईमान न लाए, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ, तो वह जहन्नमी होगा।"इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
जाबिर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मुझे पाँच चीज़ें ऐसी दी गई हैं, जो मुझसे पहले किसी नबी को दी नहीं गई थीं। एक महीने की मसाफ़त तक जाने वाले प्रताप द्वारा मेरा सहयोग किया गया है। मेरे लिए धरती को नमाज़ पढ़ने का स्थान एवं पवित्रता प्राप्त करने का साधन बनाया गया है। लिहाज़ा मेरी उम्मत का जो व्यक्ति जहाँ नमाज़ का समय पाए, वह वहीं नमाज़ अदा कर ले। मेरे लिए ग़नीमत का धन हलाल किया गया है। मुझसे पहले किसी के लिए ग़नीमत का धन हलाल न था। मुझे सिफ़ारिश करने का अधिकार दिया गया है। दूसरे नबी अपने-अपने समुदायों की ओर नबी बनाकर भेजे जाते थे। लेकिन मुझे तमाम इन्सानों की ओर नबी बनाकर भेजा गया है।"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मेरी उम्मत के सारे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे, सिवाय उसके, जो इनकार करेगा।" कहा गया कि ऐ अल्लाह के रसूल! भला इनकार कौन करेगा? तो फ़रमाया : "जो मेरे आदेशों का पालन करेगा, वह जन्नत में प्रवेश करेगा और जो मेरी अवज्ञा करेगा, वही इनकार करने वाला होगा।"इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि 'इसरा' की रात अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास शराब तथा दूध के दो प्याले लाए गए। आपने दोनों को देखा और दूध के प्याले को ले लिया। यह देखकर जिबरील (अलैहिस्सलाम) ने कहा: सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जिसने आपका मार्गदर्शन 'फ़ितरत' की ओर किया। यदि आपने शराब का प्याला उठाया होता, तो आपकी उम्मत गुमराह हो जाती।इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।
वासिला बिन असक़ा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “अल्लाह ने इसमाईल की संतानों में से किनाना को चुन लिया, और किनाना में से क़ुरैश को चुन लिया, तथा क़ुरैश में से बनू हाशिम को चुन लिया, एवं बनू हाशिम में से मुझे चुन लिया, और मैं आदम की संतान का सरदार हूँ, लेकिन मैं गर्व नहीं करता हूँ। सबसे पहले मेरी ही क़ब्र खुलेगी, सबसे पहले मैं ही सिफ़ारिश करूँगा और सबसे पहले मेरी ही सिफ़ारिश क़बूल की जाएगी।”इसे इब्ने ह़िब्बान ने रिवायत किया है ।
अबू मूसा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्ल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें अपने कई नाम बताए, जिनमें से कुछ हमने याद कर लिए। आपने फ़रमयाः “मैं मुह़म्मद, अहमद, मुक़फ़्फ़ी, हाशिर तथा नबी-ए-रहमत हूँ।" यज़ीद कहते हैंः "और नबी-ए-तौबा तथा नबी-ए-मलह़मा हूँ।"इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।
عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «مِنْ أَشَدِّ أُمَّتِي لِي حُبًّا نَاسٌ يَكُونُونَ بَعْدِي، يَوَدُّ أَحَدُهُمْ لَوْ رَآنِي بِأَهْلِهِ وَمَالِهِ».رواه مسلم