Hadith for the World
फ़ज़ीलतें

आल-ए-बैत रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें

4 hadiths

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आइशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैंः मुझे अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की किसी पत्नी पर उतनी ग़ैरत नहीं आई, जितनी ख़दीजा- रज़ियल्लाहु अन्हा- पर आई। हालाँकि मैंने उन्हें कभी देखा नहीं था। लेकिन आप उन्हें बहुत ज़्यादा याद करते थे। कभी ऐसा भी होता कि बकरी ज़बह करते, उसके टुकड़े बनाते और ख़दीजा- रज़ियल्लाहु अन्हा- की सहेलियों को भेज देते। यह सब देखकर मैं कभी-कभार आपसे कह देतीः ऐसा लगता है कि दुनिया में ख़दीजा के सिवा कोई है ही नहीं! तो आप कहतेः "वह ऐसी थीं, ऐसी थीं और मुझे उनसे बच्चे भी हुए।" तथा एक रिवायत में हैः आप बकरी ज़बह करते और उसमें से उनकी सहेलियों को उतना भेज देते, जो उनके लिए काफ़ी हो। तथा एक रिवायत में हैः जब बकरी ज़बह करते, तो कहतेः "इसे ख़दीजा की सहेलियों को भेज दो।" तथा एक और रिवायत में हैः वह कहती हैंः ख़दीजा बिंत ख़ुवैलिद की बहन हाला बिंत ख़ुवैलिद अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आने की अनुमति तलब की, तो आप को ख़दीजा के अनुमति तलब करने का अंदाज़ याद आ गया और प्रसन्न हो उठे तथा कहाः "अल्लाह, यह तो हाला बिंत खुवैलिद हैं!"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने तमाम रिवायतों के साथ नक़ल किया है।
वासिला बिन असक़ा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “अल्लाह ने इसमाईल की संतानों में से किनाना को चुन लिया, और किनाना में से क़ुरैश को चुन लिया, तथा क़ुरैश में से बनू हाशिम को चुन लिया, एवं बनू हाशिम में से मुझे चुन लिया, और मैं आदम की संतान का सरदार हूँ, लेकिन मैं गर्व नहीं करता हूँ। सबसे पहले मेरी ही क़ब्र खुलेगी, सबसे पहले मैं ही सिफ़ारिश करूँगा और सबसे पहले मेरी ही सिफ़ारिश क़बूल की जाएगी।”इसे इब्ने ह़िब्बान ने रिवायत किया है ।
मिसवर बिन मख़रमा -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से रिवायत करते हैं कि आपने फ़रमायाः "फ़ातिमा मेरा अंग है, जिसने उसे नाराज़ किया, उसने मुझे नाराज़ किया।"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।
आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है कि जिबरील एक हरे रंग के रेशमी कपड़े में उनका चित्र लेकर नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहाः यह दुनिया तथा आख़िरत में आपकी पत्नी है।इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है।