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तहारत (पवित्रता प्राप्त करना)
हैज़, निफ़ास एवं इसतिहाज़ा
1 hadiths
पेशाब-पाखाना के आदाब
1
फ़ितरत पर आधारित सुन्नतें
3
वज़ू
8
ग़ुस्ल
2
तयम्मुम
1
हैज़, निफ़ास एवं इसतिहाज़ा
1
मोज़ों आदि पर मसह
2
1 hadiths
उम्म-ए-अतिय्या रज़ियल्लाहु अनहा, जिन्होंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के हाथ पर बैअत की थी, से रिवायत है, वह कहती हैं : "हम (मासिक धर्म से) पाक होने के बाद मटमैले और पीले रंग के पानी को कुछ शुमार नहीं करती थीं।"
इस ह़दीस़ को अबू दावूद ने इन शब्दों के साथ रिवायत किया है। जबकि बुख़ारी ने (بعد الطهر, अर्थात; पवित्र हो जाने के बाद) की वृद्धि के बिना रिवायत किया है