Hadith for the World
तहारत (पवित्रता प्राप्त करना)

मोज़ों आदि पर मसह

2 hadiths

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मुग़ीरा रज़ियल्लाहु अनहु कहते हैं : मैं एक यात्रा में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ था। मैंने आपके मोज़े उतारने के लिए हाथ बढ़ाए, तो आपने फ़रमाया : "इन्हें रहने दो; क्योंकि मैंने इन्हें वज़ू की हालत में पहने थे।" फिर आपने उनपर मसह किया।इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
शुरैह बिन हानी कहते हैं कि मैं आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) के पास, उनसे मोज़ों पर मसह करने की अवधि पूछने के लिए आया, तो उन्होंने बताया: तुम अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अनहु) के पास जाओ और उनसे पूछो; क्योंकि वह अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ सफ़र किया करते थे। हमने उनसे पूछा, तो बताया: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने यात्री के लिए तीन दिन तीन रात और ठहरे हुए व्यक्ति के लिए एक दिन एक रात की अवधि निर्धारित की है।इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।