Hadith for the World
दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह

दुआ ग्रहण होने में सहायक चीज़ें तथा उसे ग्रहण न होने देने वाली वस्तुएँ

4 hadiths

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अबू उमामा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि मुझे अम्र बिन अबसा रज़ियल्लाहु अनहु ने बताया है कि उन्होंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "अल्लाह अपने बंदे से सबसे निकट रात के अंतिम भाग में होता है। अतः यदि उस समय अल्लाह का स्मरण करने वालों में शामिल हो सको, तो हो जाओ।"इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी और नसई ने रिवायत किया है
जाबिर- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को फ़रमाते हुए सुनाः "रात में एक समय होता है कि जो मुसलमान उसमें अल्लाह से दुनिया एवं आख़िरत से संबंधित कोई भलाई माँगता हुआ पाया जाएगा, अल्लाह उसे ज़रूर प्रदान करेगा। यह घड़ी हर रात आती है।"इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "बंदा अपने रब से सबसे अधिक निकट उस समय होता है, जब वह सजदे में होता है। अतः तुम उसमें ख़ूब दुआएँ किया करो।"इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "अज़ान तथा इक़ामत के बीच की जाने वाली दुआ रद्द नहीं होती।"इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी और नसई ने रिवायत किया है