HI
नमाज़
वो समय, जिनमें नमाज़ पढ़ना मना है
2 hadiths
नमाज़ की अनिवार्यता तथा नमाज़ छोड़ने वाले का हुक्म
5
नमाज़ की फ़ज़ीलत
10
अज़ान तथा इक़ामत
6
वो समय, जिनमें नमाज़ पढ़ना मना है
2
नमाज़ की शर्तें
3
नमाज़ के अर्कान
2
واجبات الصلاة
1
नमाज़ की सुन्नतें
1
नमाज़ का तरीक़ा
10
नमाज़ के अज़कार
15
नमाज़ तोड़ देने वाली चीज़ें
1
नमाज़ियों से होने वाली गलतियाँ
5
नमाज़ में ग़लती, तिलावत तथा शुक्र के सजदे
4
जमात से पढ़ी जाने वाली नमाज़ की फ़ज़ीलत तथा अहकाम
7
इमाम तथा उसके पीछे नमाज़ पढ़ने वाले के अहकाम
4
उज़्र वाले लोगों की नमाज़
1
जुमे की नमाज़
7
नफ़ल नमाज़
40
सूरज तथा चाँद ग्रहण की नमाज़
2
बारिश माँगने की नमाज़
1
मस्जिदों के आदाब
9
2 hadiths
उक़बा बिन आमिर जुहनी -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है, वह कहते हैं : तीन समय ऐसे हैं, जिनमें अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- हमें नमाज़ पढ़ने अथवा अपने मुर्दों को दफ़नाने से मना करते थे : जब सूरज स्पष्ट रूप से निकल रहा हो, यहाँ तक कि ऊँचा हो जाए, जब सूरज बीच आसमान में हो, यहाँ तक कि ढल जाए और जब सूरज डूबने लगे, यहाँ तक कि डूब जाए।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
जुबैर बिन मुतइम (रज़ियल्लाहु अनहु) से मरफ़ूअन वर्णित है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: किसी को रात या दिन के जिस भाग में चाहे, इस घर का तवाफ़ (परिक्रमा) करने या इसमें नमाज़ पढ़ने से न रोको।
इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।