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शरई आदाब
स्वप्न से संबंधित आदाब
2 hadiths
विद्यावान तथा विद्यार्थी के आदाब
6
पवित्र क़ुरआन की तिलावत के आदाब
1
सलाम करने तथा प्रवेश की अनुमति लेने के आदाब
9
बात करने तथा चुप रहने के आदाब
12
खाने-पीने के आदाब
11
यात्रा के आदाब तथा अहकाम
4
सोने तथा जागने के आदाब
3
स्वप्न से संबंधित आदाब
2
ज़ियारत तथा प्रवेश की अनुमति लेने के आदाब
3
छींकने तथा उबासी के आदाब
3
बीमार का हाल जानने जाने के आदाब
5
परिधान के आदाब
8
2 hadiths
अबू क़तादा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "अच्छा सपना अल्लाह की ओर से है और बुरा सपना शैतान की ओर से। अतः जब तुम में से कोई व्यक्ति डरावना सपना देखे, तो तीन बार बाएँ ओर थुत्कारे और उस सपने की बुराई से अल्लाह की शरण माँगे,(ऐसा करने से) यह उसकी हानि नहीं करेगा।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जिसने स्वप्न में मुझे देखा, वह जागते हुए भी मुझे देखेगा या कहा कि मानो, उसने मुझे जागते में देखा, क्योंकि शैतान मेरा रूप धारण नहीं कर सकता।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है। - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।