Hadith for the World
शरई आदाब

परिधान के आदाब

8 hadiths

8 hadiths

अब्दुर रहमान बिन अबू लैला से रिवायत है कि वह हुज़ैफ़ा रज़ियल्लाहु अनहु के पास मौजूद थे कि उसी दौरान उन्होंने पीने के लिए पानी माँगा तो एक मजूसी ने पानी प्रस्तुत किया। जब उसने पानी का प्याला उनके हाथ में रखा, तो उन्होंने उसे उसी प्याले से मार दिया और फ़रमाया : अगर मैंने इसे एक-दो बार (सोने एवं चाँदी के बर्तन के प्रयोग से) मना न किया होता, तो मैं ऐसा न करता। मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को फ़रमाते हुए सुना है : "न रेशम पहनो और न दीबाज (मोटे रेशमी वस्त्र)। न सोने-चाँदी के बरतन में पियो और न उनकी थाली में खाओ। क्योंकि यह वस्तुएँ दुनिया में उन (काफ़िरों) के लिए हैं और आख़िरत में हमारे लिए।"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
उमर रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जिसने दुनिया में रेशमी वस्त्र पहना, वह उसे आख़िरत में नहीं पहनेगा।"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "जब तुम वस्त्र धारण करो अथवा वज़ू करो, तो दाहिने ओर से प्रारंभ करो।"इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।
अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अंहु) नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत करते हुए कहते हैंः "जब तुममें से कोई जूता पहने, तो दाएँ पाँव से शुरू करे और जब जूता उतारे, तो बाएँ पाँव से शुरू करे। दाएँ पाँव में पहले जूता पहना जाए और बाद में उतारा जाए।"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।
अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "अल्लाह उस व्यक्ति की ओर नहीं देखेगा, जो अभिमान के कारण अपना कपड़ा लटकाकर चलता हो।"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "एक व्यक्ति खूबसूरत वस्त्र धारण करके, अभिमानी होकर अपने सिर में कंघी करते हुए चल ही रहा था कि अल्लाह ने उसे ज़मीन में धँसा दिया, तो वह प्रलय के दिन तक ज़मीन में धँसता रहेगा।"इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।
अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "एक मर्द दूसरे मर्द के गुप्तांग और एक महिला दूसरी महिला के गुप्तांग को न देखे और न ही दो मर्द एक ही कपड़े में लेटें और न दो महिलाएँ एक कपड़े में लेटें।"इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "अपने कपड़ों में से सफ़ेद कपड़े पहना करो। ये तुम्हारे सबसे अच्छे कपड़ों में से हैं। तथा इन्हीं में अपने मुर्दों को दफ़न किया करो।"इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी और इब्न-ए-माजह ने रिवायत किया है